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स्नातक कला संकाय (बी0ए0)
हिन्दी,संस्कृत,अंगेजी,समाजशास्त्र,शिक्षाशास्त्र,भूगोल,प्राचीन इतिहास,गृहविज्ञान,उर्दू, अर्थशास्त्र,राजनीतिशास्त्र,मनोविज्ञान
स्नातक विज्ञान संकाय (बी0एस-सी0)
रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, प्राणि विज्ञान
स्नातकोत्तर कला संकाय (एम0ए0)
भूगोल,हिन्दी,संस्कृत,समाजशास्त्र,उर्दू, गृहविज्ञान,प्राचीन इतिहास
शिक्षा संकाय (बी0एड0) College Cod:-SP3073
यह महाविद्यालय -वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय,जौनपुर (उ0प्र0) से संबद्ध और भारत सरकार के एनसीटीई (एनसीटीई) द्वारा विधिवत अनुमोदित 2 वर्षीय पूर्णकालिक डिग्री पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जो भारत में संपूर्ण शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के संचालन और विनियमन के लिए सर्वोच्च निकाय है।
प्रवेश प्रक्रिया : प्रवेश केवल उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (यूपी बी.एड. जेईई) के माध्यम से ही होगा।
डी० एल० एड० (बी० टी० सी०) College Cod:-450179
डी.एल.एड कार्यक्रम 2 वर्ष की अवधि का है, जिसे भारत सरकार के एनसीटीई द्वारा विधिवत अनुमोदित किया गया है और यह एससीईआरटी से संबद्ध है। अवधि: 2 वर्ष, स्वीकृत प्रवेश क्षमता: 50
प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भावी शिक्षकों के लिए शिक्षण के इंटरैक्टिव और बेहतर तरीके सीखने और प्राथमिक स्तर पर किसी विषय को रुचिकर बनाने के लिए छात्रों की बुनियादी सीखने की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए (सामान्य वर्ग के लिए 50%, आरक्षित वर्ग के लिए 45%)।

ग्रामीण छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान कर देश का जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से राजन चंद्रिका महाविद्यालय, गुलालसराय, गाजीपुर उ0प्र0, की स्थापना सन 2010 में की गयी की स्थापना प्रायः ऐसी जगहों पर की गयी है जहाँ पहले से महाविद्यालयों का अभाव है। गुलालसराय गाजीपुर की स्थापना सन् 2010 में इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर की गयी। गाजीपुर -मउ राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित यह संस्थान कई एकड़ के परिसर में विकसित किया गया है। इस महाविद्यालय में उल्लेखनीय सफलता पायी है। छात्र-छात्राओं के बीच खेलकूद और शिक्षणेतर गतिविधियों की सुदृढ़ परम्परा यहाँ की विशेषता रही है।

नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षाओं के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। प्राध्यापक अपनी कक्षाओं के प्रति सजग रहे हैं। इस बात का सदैव ख्याल रखा जाता है कि छात्र-छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का भेद-भाव न हो। परिसर रैगिंग से पूरी तरह मुक्त है।....

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